पहवानो का प्रदर्शन - आरोप सही है या राजनीतिक चाल

 यौन शोषण एक ऐसा अपराध है, जो आज समाज के हर तबके मे मौजूद है, कुछ लोग इसके बारे मे खुलकर बात कर पाते है, पर कुछ भविष्य खराब होने व समाज के डर से चुप रह जाते है, #metoo movement मे ऐसी बहुत सी महिलाये सामने आयी जिनके साथ ये वाक्य हुए थे, पर इतनी हिम्मत जुटा पाना, भारत जैसे देश की संकुचित विचार धारा के लिये आज भी आसान नही है



आजकल देश मे पहलवानी के यौन शोषण का मुद्दा खासा चर्चा मे है, ये एक ऐसा मामला है जिसमे देश तीन भागो मे बट गया है - एक भाग ऐसा है, जो WFI के अध्यक्ष पर तुरंत कार्यवाही चाहता है, वही दूसरा पक्ष इसे पहलवानी का राजनैतिक एजेण्डा बता रहा है,

इन दोनो के बाद एक तीसरा पक्ष भी है, जो चाहता है कि सभी आरोपो की निष्पक्ष जाच हो, और अगर बृज भाषण दोषी है तो उन पर कार्यवाही हो।

बृज भाषण पर लगाये आरोपो की प्रकृति भारतीय दण्ड संहिता के सबसे खतरनाक अपराधी की है, और अगर आरोप सही है, तो कार्यवाही न्यायोचित ही होगी।

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