दही.....
दही.....
एक लड़की अपनी मां के साथ पुलिस में अपने पति एवं ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत करने पहुंची.....
वहां का दरोगा बुजुर्ग था उसने मामला सुलझाने अगले दिन लडकी और लडके को परिवार वालों सहित बुलवाया .....
लडकी और लडके से अलग अलग अकेले मे बात की और फिर उस लडकी से उसकी मां के सामने पूछा-क्या तुम्हारा पति मारता है ....
क्या वो तुमसे अपने माँ बाप से कुछ मांग के लाने को कहता है ...
क्या वो तुम्हें खाने पहनने को नहीं देता ...
क्या तेरे ससुराल वाले कुछ कहते हैं ...
क्या वो तेरा ख्याल नहीं रखता ...
सब सवालों का जवाब लड़की ने नहीं में दिया ...
इसपर लड़की की मां बोली कि आप बेकार के सवालों मे मत उलझाइए ...
मेरी बेटी बहुत परेशान है वो इसे प्रताड़ित करते है...
बुजुर्ग दरोगा पूरी स्थिति समझ गया... उसने लड़की की मां से पूछा बहन जी क्या आप घर में दही जमाती हो..
लड़की की माँ ने कहा -हां...मगर उसका इस मामले से कया लेना देना...
बुजुर्ग दरोगा -बहनजी आप जब दही जमाती हो तो बार बार दही को ऊंगली मार कर जाँचती हो ...
लड़की की माँ : जी अगर बार बार ऊंगली मार के देखूंगी तो दही कहा जमेगा ...
वो तो खराब ही जमेगा ...
बुजुर्ग दरोगा : तो बहन जी इस बात को समझिए शादी से पहले लड़की दूध थी ! अब उस को जमकर दही बनना है !
आप बार बार ऊंगली मारेगीं तो वह ससुराल में बसेगी कैसे ...
आपकी लड़की ससुराल में परेशान नहीं है ! आपकी उसके घर में दखलंदाजी ही उसकी परेशानी का कारण है !
उसे उसके ससुराल में एडजस्ट होने की शिक्षा दीजिये ना की गलत कर के अपने घर को खराब करने की ...
लडकी भी दरोगा की बातों पर सहमत होकर पति सहित ससुराल वापस चली गई वही मां शर्मिंदगी से अपने घर वापस चली गई ...
दोस्तो ....ये रचना एक महत्वपूर्ण प्ररेणा देती है आशा है आप भावनाओं को समझेंगे और इससे प्ररेणा लेते हुए परिवार मे सदैव साथ बने रहेंगे🙏🙏🙏🙏🌹🌹
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