pariwar
एक बार एक घोड़ा पूरे दिन मेहनत करने के बाद आराम करने के लिए अपने अस्तबल में आया। उसी समय एक बिल्ली उससे मिलने आई। घोड़े ने बिल्ली से कहा –
“कल मैं कम काम करूंगा। बहुत थकान लग रही है, इसलिए कल थोड़ा ज्यादा आराम करूंगा।”
फिर बिल्ली गाय के पास गई और बोली –
“घोड़ा तो यहाँ बिल्कुल रहना नहीं चाहता, क्योंकि उसका मालिक उससे बहुत काम करवाता है। इसलिए घोड़ा कहीं और जाना चाहता है।”
फिर गाय की मुलाकात एक बकरी से हुई। गाय ने बकरी से कहा –
“घोड़ा तो यहाँ से जाना चाहता है। उसका मालिक उसे बहुत मारता-पीटता है। पूरे दिन उससे बहुत काम करवाता है और ठीक से खाने भी नहीं देता।”
शाम को बकरी से मिलने एक खरगोश आया। बकरी ने खरगोश से कहा –
“घोड़ा यहाँ से जाना चाहता है। उसका मालिक बहुत निर्दयी है। वह उसे सिर्फ मारता-पीटता है, पूरे दिन सबका काम उसी से करवाता है और ठीक से खाना भी नहीं देता। वह शायद कल ही यहाँ से चला जाएगा।”
शाम को मालिक का एक नौकर फार्म पर आया। खरगोश ने उसे कहा –
“घोड़ा यहाँ रहना ही नहीं चाहता। उसने कोई दूसरा फार्म ढूंढ लिया है। वहाँ का मालिक बहुत अच्छा है। न मारता है, न ज्यादा काम करवाता है, और न ही भूखा रखता है। इसलिए घोड़ा कल यहाँ से चला जाएगा।”
यह सुनकर नौकर मालिक के पास गया और बोला –
“घोड़ा तो विद्रोह कर चुका है। वह कल यहाँ के सारे जानवरों को लेकर किसी दूसरे फार्म में चला जाएगा।”
यह सुनकर मालिक बहुत गुस्सा हो गया और उसी रात ज़हर का इंजेक्शन देकर घोड़े को मार डाला।
घोड़ा क्यों मारा गया?
न तो उसने ऐसी कोई बात कही थी, न उसने विद्रोह किया था, और न ही उसने ऐसा कुछ सोचा था। घोड़े ने तो सिर्फ एक बड़ी गलती कर दी थी — उसने अपने मन की बात किसी और से कह दी थी।
ज़िंदगी में उस घोड़े की तरह हमसे भी यह गलती हो जाती है कि हम अपने मन की बात दूसरों से कह देते हैं। एक बात याद रखना, दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जिनमें इतनी समझ नहीं होती कि वे तुम्हारी बात सही तरीके से समझ सकें।
दुनिया में बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो तुम्हारे सामने तुम्हारे शुभचिंतक बनने का दिखावा करेंगे, लेकिन तुम्हारी पीठ पीछे तुम्हारे दुख को मज़ाक बना देंगे।
कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो तुम्हारे दुख का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करेंगे, जिसका नुकसान आखिरकार तुम्हें ही सहना पड़ेगा।
इसलिए तुम किसी की आदत नहीं बदल सकते और न ही किसी की बुरी नीयत को बदल सकते हो।
इसलिए सबसे अच्छा यही है कि अपनी और अपने परिवार की बातें हर किसी को बताने के बजाय अपने तक ही सीमित रखो।
Post a Comment